मेरे शब्द,मेरी शक्ति!!!

सोंच बदलो, देश बदलेगा!!

17 Posts

9176 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 3763 postid : 20

इंसान और कुत्ता!!!

Posted On: 13 Dec, 2010 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Deepak0294सुबह- सुबह मै खीरों के एक मार्ग मे टहल रहा था| तभी मेरी नजर मार्ग के एक ओर  पर पड़े एक शराबी  पर  पड़ी| वह नशे पूर्ण रूप से डूबा हुआ था| उसे यह तक पता नही था की वह कहाँ पड़ा है वह तो किसी और दुनिया मे ही था|
और दूसरा द्रश्य जो मै आपको बताने जा रहा हूँ वो एक सड़क के आवारा कुत्ते का है जो ठीक शराबी    के सामने सड़क के दूसरी ओर मस्ती मे सुबह की धूप का आनंद ले रहा था| इंसान और कुत्ता बिल्कुल बराबरी की स्थिति मे थे| दोनो मे कोई अंतर नही नजर आ रहा था| फिर

क्या था, मैने तुरंत मोबाइल निकाला और एक फोटो ले ली|
मेरे दिमाग मे एक यही सवाल घूम रहा है की क्या शराब इंसान को इतना नीचे गिरा सकती है की इंसान मे और कुत्ते मे कोई फर्क ही ना रह जाए| वास्तव मे शराब से दोस्ती अपनी खुद की जिंदगी से शत्रुता  करने के समान है| सड़क पर जो कोई भी उस इंसान को देख  रहा था वाही हंस रहा था और वो शराबी हंसी का पात्रा बन रहा था|
यह द्रश्य चीख चीख कर बता रहा था कि शराब पीने का क्या अंजाम हो सकता है लेकिन आज के मनुष्य को इन सब बातों से क्या मतलब|
शराब एक सुखी  परिवार मे आग लगा सकती है | मंदिर रूपी घर को तबाह कर सकती है|
मै दीपक आज के व्यक्तियों खास कर नवयुवक बंधुओं से यह आग्रह करता हूँ कि वो ऐसे बुरी संगतियों से बचने का प्रयास करें, ताकि वे अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकें|

(कृपया अपनी सकारात्मक या नकारात्मक टिप्पणियाँ अवश्य दे)

धन्यवाद!!

आपका प्रिय बंधु
दीपक साहू
खीरों ,रायबरेली|

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 3.67 out of 5)
Loading ... Loading ...

5 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

alokkumartiwari के द्वारा
December 14, 2010

दीपक जी सच है की नशा आजकल फैशन बन चूका है आज हर किसी को नशा करने का एस बहाना चाहिए बस, कोई इश्क में हर कर पीता है, तो कोई थकान मिटाने के लिए| लेकिन पीता जरूर है| अच्छा ब्लॉग लिखा आपने| धन्यवाद|||

Amit Dehati के द्वारा
December 13, 2010

दीपक जी,” नज़रों को बदलो नज़ारें बदल जायेंगे” . कांसेप्ट अच्छा चुना आपने . लेकिन आपके लिए ये चार लाइन कुछ और सोचने पर मजबूर करेंगी . नशा करते नहीं फिर भी नशे में मस्त रहते है , तो फिर बोतल के सर नशे का ये इल्ज़ाम क्या देना . हज़ारो ख्वाहिशें होशो में बिखरी सी नज़र आती , किया दो घूंट पूरा अरमान तो फिर इल्ज़ाम क्या देना . धन्यबाद !

    deepakkumarsahu के द्वारा
    December 14, 2010

    आपकी बहुमूल्य प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत धन्यवाद|

abodhbaalak के द्वारा
December 13, 2010

दीपक जी डॉक्टर लोग तो शराब का बड़े फायदे बताते हैं, टीवी पर जब मिल बैठेंगे के दो यार के नारे लगाते हैं पर वास्तविक जीवन में लोग अक्सर पी कर, ऐसे ही कहीं सड़क पर पड़े हुए नज़र आते हैं अरे मैंने तो शायर बन गया …. सराहनीय लेख के लिए बंधाई हो http://abodhbaalak.jagranjunction.com

    deepakkumarsahu के द्वारा
    December 14, 2010

    हाँ सर जी डॉक्टर तो नहीं लेकिन इश्क के डॉक्टर जरूर सलाह देते हैं कुछ इस तरह से -”किसी की याद सताए, शराब पी लेना” आपकी बहुमूल्य प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत धन्यवाद|


topic of the week



अन्य ब्लॉग

  • No Posts Found

latest from jagran